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धनतेरस 2026 कब है? शुभ मुहूर्त, क्या खरीदें और पूजा विधि

A Abhay Mishra
Published 03 November 2026 7 min read

धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है। नासिक पूजा मुहूर्त शाम 6:30–8:29, क्या खरीदें, धन्वंतरि का अर्थ और यम दीपम।

सीधा उत्तर

धनतेरस 2026 शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है। नासिक में त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10:30 बजे से 7 नवंबर को सुबह 10:47 बजे तक है और धनतेरस पूजा का मुहूर्त शाम 6:30 से 8:29 बजे तक है (Drik Panchang, नासिक, IST)। यम दीपक 6 नवंबर की शाम जलाया जाता है।

अंतिम अपडेट: 3 नवंबर 2026

धनतेरस 2026 की तारीख और पूजा मुहूर्त

विवरण2026 (नासिक, IST)
तारीखशुक्रवार, 6 नवंबर 2026
त्रयोदशी तिथि6 नवंबर सुबह 10:30 से 7 नवंबर सुबह 10:47 तक
धनतेरस पूजा मुहूर्तशाम 6:30 से 8:29 बजे (2 घंटे)
प्रदोष कालशाम 5:58 से 8:30 बजे
वृषभ कालशाम 6:30 से 8:29 बजे
यम दीपम6 नवंबर की शाम, प्रदोष काल में
स्रोतDrik Panchang, नासिक — 3 नवंबर 2026 को देखा गया

धनतेरस (महाराष्ट्र में धनत्रयोदशी) कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है। परंपरा में त्रयोदशी तिथि रहते खरीदारी — नासिक में 6 नवंबर सुबह 10:30 से 7 नवंबर सुबह 10:47 तक — और प्रदोष की शाम को पूजा श्रेष्ठ मानी गई है। अन्य वेबसाइटें दूसरे शहर के सूर्यास्त के कारण अलग मुहूर्त दिखाती हैं; उदाहरण के लिए मुंबई का समय दिल्ली से बाद का होता है।

धनतेरस का अर्थ क्या है?

धन यानी संपत्ति और तेरस (त्रयोदशी) यानी तेरहवीं तिथि। इसलिए धनतेरस का अर्थ है “धन की तेरहवीं तिथि”, जो दिवाली का पहला मुख्य दिन है। महाराष्ट्र में इसे धनत्रयोदशी कहते हैं।

धनतेरस और धन्वंतरि: असली अर्थ

धनतेरस पर धन्वंतरि पूजा: अमृत कलश हाथ में लिए भगवान धन्वंतरि की सुनहरी प्रतिमा, पास में सोने के सिक्कों से भरा पात्र और दीपक
धन्वंतरि पूजा: देवताओं के वैद्य और आयुर्वेद के प्रवर्तक भगवान धन्वंतरि की पूजा धनतेरस पर होती है। AI से बनाया गया चित्र।

यह दिन केवल खरीदारी का नहीं है। मान्यता के अनुसार भगवान धन्वंतरि — देवताओं के वैद्य और आयुर्वेद के प्रवर्तक — इसी दिन समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए। इसलिए परिवार का स्वास्थ्य उसके धन जितना ही महत्वपूर्ण है, और भारत में धनतेरस पर राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है। “धन” शब्द में स्वास्थ्य रूपी धन का भाव भी है।

इसी दिन समृद्धि के लिए माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा भी होती है, इसलिए पूजा तीन बातों को साथ जोड़ती है: स्वास्थ्य (धन्वंतरि), धन (लक्ष्मी-कुबेर) और रक्षा (यम दीपदान)। धन्वंतरि पूजा स्वास्थ्य और आयुर्वेद की प्रार्थना है; लक्ष्मी-कुबेर पूजा समृद्धि की — ये अलग-अलग प्रार्थनाएं हैं।

धनतेरस पर क्या खरीदें

धनतेरस 2026 पर क्या खरीदें: पूजा विधि की थाली और सोना, चांदी, बर्तन व घर की खरीदारी की सूची वाले तीन भाग
धनतेरस पर क्या खरीदें: सोने-चांदी के सिक्के, बर्तन और घर की खरीदारी, धनतेरस पूजा थाली के साथ। AI से बनाया गया चित्र।
  • सोना या चांदी — सिक्के, छोटे आभूषण या चांदी की मूर्ति। छोटा सा चांदी का सिक्का खरीदना भी शुभ माना जाता है।
  • धातु के बर्तन — पीतल, तांबे या चांदी के पात्र, जो इस दिन की सबसे पुरानी परंपरा है।
  • नई झाड़ू — कई घरों में झाड़ू खरीदी जाती है, क्योंकि वह स्वच्छता और लक्ष्मी से जुड़ी मानी जाती है।
  • साबुत धनिया (धने) — पूजा में चढ़ाए जाते हैं और बाद में रख लिए या बो दिए जाते हैं।
  • लक्ष्मी–गणेश की मूर्तियां और पूजा सामग्री — 8 नवंबर की लक्ष्मी पूजा के लिए।
  • घर की बड़ी खरीदारी — कुछ परिवार इस दिन वाहन, उपकरण या संपत्ति खरीदते हैं।

समझदारी से खरीदारी के सुझाव

  • सोना केवल BIS हॉलमार्क (HUID कोड सहित) वाला खरीदें और पक्का बिल लें।
  • मेकिंग चार्ज और उस दिन के भाव की तुलना करें; सोने के भाव रोज बदलते हैं और यह लेख निवेश सलाह नहीं है।
  • यदि भौतिक सोना नहीं चाहिए तो कुछ लोग गोल्ड ETF चुनते हैं; अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार निर्णय लें।
  • कुछ परिवार धनतेरस पर लोहा, कांच या काली वस्तुएं नहीं खरीदते — यह एक रिवाज है, नियम नहीं।

घर पर धनतेरस पूजा विधि

  1. घर की सफाई करें, दरवाजे पर रंगोली बनाएं और लक्ष्मी के छोटे पदचिह्न (लक्ष्मी पावली) भीतर की ओर रखें।
  2. प्रदोष काल में लाल कपड़े की चौकी पर धन्वंतरि, लक्ष्मी और कुबेर की मूर्तियां या चित्र रखें। धन्वंतरि की मूर्ति न हो तो चित्र या कलश पर्याप्त है।
  3. घी का दीपक जलाएं, फूल, कुमकुम, अक्षत और धूप अर्पित करें, फिर मिठाई, धने-गुड़ और फलों का नैवेद्य चढ़ाएं।
  4. नए खरीदे सोने-चांदी, बर्तन या सिक्कों की पूजा भी मूर्तियों के साथ करें।
  5. “ॐ धन्वंतरये नमः” और “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” बोलें और आरती करें।
  6. यम दीपम जलाएं: 6 नवंबर की शाम मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तेल का दीपक।

यम दीपदान: कथा और महत्व

कथा है कि राजा हिम के सोलह वर्ष के पुत्र की मृत्यु विवाह के चौथे दिन सर्पदंश से होनी थी। उसकी नवविवाहिता पत्नी ने उसे जागते रखा, अपने गहने और सिक्के द्वार पर ढेर किए और कई दीपक जलाए; उनकी चमक से सर्प रूप में आए यमराज की आंखें चौंधिया गईं और वे राजकुमार को लिए बिना लौट गए। तभी से धनतेरस की रात यम के लिए दीपक जलाकर अकाल मृत्यु से रक्षा की प्रार्थना की जाती है। यह एक मान्यता है, भविष्यवाणी नहीं।

धनतेरस 2026 का समय-क्रम (नासिक, 6–7 नवंबर)

समय (IST)क्या होता है
गुरुवार, 5 नवंबर, शामवसुबारस / गोवत्स द्वादशी — गाय-बछड़े की पूजा; घर की सफाई और खरीदारी की योजना
शुक्रवार, 6 नवंबर, सुबह 10:30त्रयोदशी शुरू — सोना, चांदी और बर्तन खरीदने की तिथि आरंभ
शुक्रवार, 6 नवंबर, शाम 5:58प्रदोष काल शुरू — दीपक जलाएं और खरीदारी पूरी करें
शुक्रवार, 6 नवंबर, शाम 6:30–8:29धनतेरस पूजा मुहूर्त — धन्वंतरि, लक्ष्मी और कुबेर पूजन
शुक्रवार, 6 नवंबर, प्रदोष मेंमुख्य द्वार पर यम दीपम जलाएं
शनिवार, 7 नवंबर, सुबह 10:47त्रयोदशी समाप्त

भारत के अलग-अलग भागों में धनतेरस

  • महाराष्ट्र: धनत्रयोदशी — धन्वंतरि, लक्ष्मी और कुबेर की पूजा; धने-गुड़ का प्रसाद।
  • गुजरात और राजस्थान: व्यापारी सोना, चांदी और नई बही खरीदते हैं और लक्ष्मी पूजन की तैयारी करते हैं।
  • उत्तर भारत: आभूषण और बर्तन बाजारों में भारी भीड़; द्वार पर यम दीपम के दीपक।
  • पूरे भारत में: धन्वंतरि का स्मरण आयुर्वेद की प्रार्थना के साथ होता है और धनतेरस पर राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है।

यम दीपम जलाने की विधि, चरण दर चरण

  1. दीया चुनें। साफ मिट्टी का दीया लें (हो सके तो चार मुख वाला, चौमुखी)।
  2. भरें। सरसों या तिल का तेल डालें और चार मुख हों तो चार रुई की बातियां लगाएं।
  3. स्थान तय करें। मुख्य द्वार के बाहर, अनाज या चावल के छोटे ढेर पर, दक्षिण दिशा (यम की दिशा) की ओर रखें।
  4. जलाएं — 6 नवंबर की शाम प्रदोष काल में।
  5. प्रार्थना करें। एक फूल अर्पित करें और परिवार की दीर्घायु व सुरक्षा की प्रार्थना करें; दीया बुझने तक उसे न हिलाएं।

धनतेरस पर सोना खरीदने की जांच-सूची

  1. जाने से पहले दो-तीन भरोसेमंद ज्वेलर्स की वेबसाइट या दुकान पर उस दिन का प्रति ग्राम भाव देख लें।
  2. HUID वाला BIS हॉलमार्क अवश्य देखें और बिल पर शुद्धता (22K या 24K) जांचें।
  3. मेकिंग चार्ज की तुलना करें और पूछें कि वापस बेचने पर दुकान क्या मूल्य देगी।
  4. भुगतान बैंक ट्रांसफर या UPI से करें और बिल संभालकर रखें; बड़े नकद सौदों से बचें।
  5. “धनतेरस ऑफर” जो बहुत अच्छे लगें उनसे सावधान रहें और दिन के अंत की हड़बड़ी में खरीदारी न करें।

धनतेरस पर क्या करें और क्या न करें

  • घर साफ करें, दीपक जलाएं और शाम को परिवार के साथ पूजा करें।
  • जितनी जरूरत और सामर्थ्य हो उतना खरीदें — छोटा चांदी का सिक्का या स्टील का बर्तन भी इस दिन का सम्मान है।
  • केवल तिथि के कारण कर्ज लेकर सोना न खरीदें; परंपरा खर्च से अधिक भावना को महत्व देती है।
  • कुछ परिवार इस दिन किसी को पैसे या नमक नहीं देते; यह एक रिवाज है, नियम नहीं।
  • सांझ के बाद घर को अंधेरा न रखें: प्रवेश द्वार पर एक दीपक जलता रखें।

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समय के बारे में। इस लेख की सभी तिथियां और मुहूर्त नासिक (IST) के हैं, जो Drik Panchang पर प्रकाशित हैं और 3 नवंबर 2026 को देखे गए हैं। दूसरी वेबसाइटें अलग शहर या अलग गणना के कारण अलग समय दिखाती हैं। ये प्रकाशित गणनाएं हैं, अंतिम धार्मिक निर्णय नहीं — अपनी परंपरा अलग हो तो अपने पंडित जी या स्थानीय पंचांग का पालन करें।
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Frequently Asked Questions

6 नवंबर 2026 को नासिक में धनतेरस पूजा का मुहूर्त क्या है?

शाम 6:30 से 8:29 बजे। प्रदोष काल शाम 5:58 से 8:30 बजे तक है और त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर सुबह 10:30 से 7 नवंबर सुबह 10:47 तक (Drik Panchang, नासिक, IST)।

धनतेरस पर क्या खरीदना चाहिए?

सोने-चांदी के सिक्के, धातु के बर्तन, नई झाड़ू और साबुत धनिया परंपरागत खरीदारी है। कई परिवार दिवाली के लिए लक्ष्मी–गणेश की मूर्तियां और, यदि योजना हो तो वाहन या उपकरण भी खरीदते हैं।

धनतेरस पर धन्वंतरि की पूजा क्यों होती है?

मान्यता है कि देवताओं के वैद्य भगवान धन्वंतरि इसी दिन समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए, इसलिए यह दिन स्वास्थ्य और आयुर्वेद का भी प्रतीक है।

यम दीपम कब और कैसे जलाया जाता है?

धनतेरस की शाम, 6 नवंबर को प्रदोष काल में, मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर तेल का दीपक जलाया जाता है और अकाल मृत्यु से रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

क्या धनतेरस की सुबह सोना खरीद सकते हैं?

नासिक में त्रयोदशी 6 नवंबर को सुबह 10:30 बजे शुरू होती है, इसलिए 6 नवंबर को उस समय के बाद (और 7 नवंबर सुबह 10:47 तक) की खरीदारी तिथि में आती है। आपकी परंपरा अलग हो तो उसका पालन करें।

धनतेरस 2026 में 6 नवंबर को है या 7 को?

धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर को है। त्रयोदशी तिथि 7 नवंबर की सुबह तक रहती है, पर प्रदोष की शाम की पूजा और यम दीपम 6 नवंबर को होते हैं।

यम दीपम किस दिशा में रखा जाता है?

यम दीपम मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा (यम की दिशा) की ओर रखा जाता है और शाम को प्रदोष काल में जलाया जाता है।

क्या धनतेरस पर सोना खरीदना जरूरी है?

नहीं। परंपरा भावना को महत्व देती है। छोटा चांदी का सिक्का, स्टील या पीतल का बर्तन, झाड़ू या साबुत धनिया भी मान्य खरीदारी है।

राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस क्या है?

राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस भारत में धनतेरस पर मनाया जाता है, जो आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि को समर्पित दिन है।

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Abhay Mishra — AI Engineer at TechnoVeda AI Solutions

Abhay Mishra is an AI engineer at TechnoVeda AI Solutions in Nashik, Maharashtra. He built the Nashik Kumbh Yatri platform and researches ground-level logistics, temple traditions, transit routes and civic updates for the 2026–2028 Nashik-Trimbakeshwar Simhastha Kumbh Mela. About the author & our editorial standards →

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